चाय की दुकान से चाइना तक का सफ़र – राजेश उर्फ़ लुक्का बॉक्सर

राजेश उर्फ़ लुक्का भारत के एक ऐसे उभरते हुए प्रोफेशनल बॉक्सर हैं जो की अपने प्रोफेशनल बॉक्सिंग कैरियर में अपने चार मुकाबलों में अपने चारों प्रतिद्वंदियो को फाइट में नाकआउट के द्वारा हरा चुकें हैं l

आज लुक्का प्रोफेशनल बॉक्सिंग के जिस मुकाम पर हैं उसका श्रेय वे सीनियर बॉक्सरस नीरज गोयत व दिलबाग सिंह को देंते हैं l 2011-2012 में बॉक्सिंग की रिंग में अपना लोहा मनवा चुके, लुक्का को अपनी पारिवारिक समस्याओं की वजह से बॉक्सिंग कैरियर छोड़ कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए चाय की दुकान खोलनी पड़ी थी l

लुक्का का बॉक्सिंग में जुनून जो की 2008 में विजेंदर की ओलंपिक जीत के साथ शुरू हुआ था, वह पारिवारिक और घर के आर्थिक संकट की वजह से कुछ देर के लिए रुका तो सही लेकिन बॉक्सिंग का जुनून लुक्का को बार-बार बॉक्सिंग रिंग की तरफ खीचंता रहा l

उसी समय लुक्का के दोस्त जो की बॉक्सर भी हैं, अजय साई व संदीप बागड़ी ने लुक्का को बॉक्सिंग खेलने के लिए न सिर्फ प्रेरित किया बल्कि उसे आगे बढ़ने का रास्ता भी दिखाया l नीरज गोयत जो कि एक बहुत अच्छे बॉक्सर होने के साथ साथ भारतीय बॉक्सिंग को एक अच्छे मुकाम तक भी पहुँचाने की चाहत रखते हैं, उन्होंने लुक्का में बॉक्सिंग की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें पूरी तरह से सहयोग दिया l नीरज गोयत की देख-रेख में आज लुक्का प्रोफेशनल बॉक्सिंग में अपने आप को स्थापित कर चुके हैं और इसी में अपना कैरियर भी बनाना चाहते हैं l

4 अगस्त को लुक्का अपने  कैरियर के पांचवे प्रोफेशनल मुकाबले के लिए एक बार फिर चाइना जा रहे हैं वंहा उनका मुकाबला 60 किलोग्राम भारवर्ग में फिलीपींस के ‘जिम्मी बोरबॉन’ के साथ होगा l

Just Play Sportz टीम लुक्का को अपनी बहुत-बहुत शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद करती है कि लुक्का अपने प्रोफेशनल बॉक्सिंग कैरियर में अपनी जीत का सिलसला यूँ ही बरकरार रखेंगे l

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